गाजियाबाद –
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 408 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन सहायता (इंसेंटिव) प्रदान की है। इस योजना के तहत कई प्रतिष्ठित कंपनियों को प्रोत्साहित किया गया है, जिससे राज्य में औद्योगिक निवेश को गति मिलेगी, रोज़गार के नए अवसर सृजित होंगे और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। प्रदेश के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री, सुनील कुमार शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि सरकार द्वारा लागू की गई इलेक्ट्रॉनिक्स एवं मैन्युफैक्चरिंग नीति के तहत पूंजीगत अनुदान एवं अन्य वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। कंपनियां अपने कुल निवेश के आधार पर नोडल एजेंसी के माध्यम से इस प्रोत्साहन योजना का लाभ प्राप्त कर सकती हैं। सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को इलेक्ट्रॉनिक्स एवं मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र का एक प्रमुख केंद्र बनाना है, जिससे प्रदेश की औद्योगिक संरचना को मजबूती मिले और स्थानीय युवाओं को रोज़गार के अधिक अवसर उपलब्ध हो सकें।
सरकार द्वारा दी गई इस प्रोत्साहन सहायता के माध्यम से प्रदेश में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से हज़ारों नए रोज़गार के अवसर उत्पन्न होंगे। इस योजना के तहत उन्नत तकनीकी पार्क, उत्पादन इकाइयों और अनुसंधान केंद्रों की स्थापना को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे प्रदेश में औद्योगिक प्रगति को नया आयाम मिलेगा। साथ ही, यह नीति अनुसंधान और विकास (आर एंड डी) को भी बढ़ावा देगी, जिससे अत्याधुनिक तकनीकों का विकास संभव होगा और उत्तर प्रदेश वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी भूमिका निभाएगा। इस योजना के अंतर्गत ओप्पो मोबाइल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, हायर अप्लायंसेस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, सैमसंग डिस्प्ले नोएडा प्राइवेट लिमिटेड सहित अन्य प्रतिष्ठित कंपनियों को प्रोत्साहन सहायता प्रदान की गई है। इसके अलावा, कई अन्य कंपनियां भी इस नीति के तहत लाभान्वित हुई हैं, जिससे प्रदेश में स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला और लघु एवं मध्यम उद्यमों (एसएमई) को भी पर्याप्त लाभ मिलेगा। इस पहल से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और सरकार को राजस्व में वृद्धि की संभावना रहेगी, जिससे अन्य विकासात्मक परियोजनाओं के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध होंगे।
उत्तर प्रदेश सरकार की यह पहल श्मेक इन इंडियाश् और श्आत्मनिर्भर भारतश् अभियानों को भी सुदृढ़ बनाएगी। इससे स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने में सहायता मिलेगी। सरकार की इस रणनीतिक पहल से उत्तर प्रदेश में तकनीकी नवाचार, उत्पादन क्षमता एवं औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी, जिससे राज्य एक अग्रणी औद्योगिक एवं आर्थिक केंद्र के रूप में उभरेगा। इस अवसर पर प्रदेश के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री, श्री सुनील कुमार शर्मा ने कहा, ष्उत्तर प्रदेश सरकार औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने एवं विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के विकास के प्रति पूर्णतः संकल्पित है। यह पहल न केवल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाएगी, बल्कि उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेशकों के लिए एक प्रमुख निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने में सहायक सिद्ध होगी।
उत्तर प्रदेश सरकार की यह महत्वपूर्ण पहल प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देने के साथ-साथ रोज़गार सृजन, नवाचार और अनुसंधान को भी मजबूती प्रदान करेगी, जिससे राज्य आर्थिक रूप से आत्मनिर्भरता की ओर तेज़ी से अग्रसर होगा।