गाजियाबाद- जनपद गाजियाबाद के विकास को लेकर सांसद, महापौर और विधायकों ने एन.सी.आर. प्लानिंग बोर्ड से चर्चा की ! चर्चा करते हुए गाजियाबाद के जनप्रतिनिधियों ने एन.सी.आर योजना में गाजियाबाद के निम्न विषयों को लेकर बात की !बैठक में अर्चना अग्रवाल सदस्य सचिव एन.सी.आर. प्लानिंग बोर्ड, लोधी रोड़, नई दिल्ली, अतुल गर्ग सांसद- गा० बाद लोकसभा, संजीव शर्मा विधायक शहर गाज़ियाबाद, सुनीता दयाल महापौर – गाज़ियाबाद, डॉ. मंजू शिवाच विधायक – मोदीनगर, अजीत पाल त्यागी विधायक मुरादनगर मौजूद रहे ।गाजियाबाद के जनप्रतिनिधियों ने एन.सी.आर की आगामी योजना में निम्न कार्य को स्थान देने की मांग की :-

1. हिंडन रिवर के पास बहुत बड़ी मात्रा में सरकारी व गैर-सरकरी भूमि उपलब्ध है। नोएडा क्षेत्र में लगते हुए हिंडन नदी के दोनों तरफ न केवल अवैध कॉलोनी बन चुकी है। बल्कि नदी में मिटटी डाल करके नदी के साईज को भी छोटा कर दिया गया है। ऐसी स्थिति करहेड़ा गाँव, साहिबाबाद की तरफ भी ऐसी स्थिति बनती जा रही है।
अतः उपलब्ध जमीन पर हिंडन नदी के किनारे लखनऊ की तर्ज पर वाटर फ्रन्ट बनाने की योजना व नदी का जल साफ करने की योजना को स्थान मिलना चाहिए।
2. इसी प्रकार मुरादनगर गंगनहर पर बड़ी मात्रा में धार्मिक कार्यकलाप भी होते है और वहां पर उपलब्ध भूमि पर एक सुन्दर तट बनाने की योजना होनी चाहिए मेरी जानकारी में है कि किसी समय में गंग नहर को छोटे हरिद्वार की संज्ञा भी दी गई थी। इसका महत्व उससे जाना जा सकता है।
3. (ए) सन् 1962 63 में दिल्ली को केन्द्रीयकरण करने के उद्देश्य से कमला नेहरु नगर, गाज़ियाबाद क्षेत्र में 3 हजार एकड़ भूमि दी थी जिसका 10-15 प्रतिशत ही अभी तक उपयोग हो पाया है।
अतः लगभग 40 वर्ष पहले 1975 से 1980 के मध्य में गाज़ियाबाद शहर के अंदर बहुत सारे सरकारी कार्यालय खोले गए। उन सभी कार्यालयों को एवं संस्थानों, जैसे जीडीए, नगर निगम, न्यायलय परिसर तहसील जीएसटी ऑफिस व दिल्ली के भी ऐसे कार्यालय जिनका सम्बन्ध गाज़ियाबाद या उत्तर प्रदेश से ज्यादा है। उनके लिए यह भूमि उपयोग में लाई जा सकती है व इस भूमि पर स्थानांतरित करके भविष्य में गाज़ियाबाद के ट्रेफिक और भीड़-भाड की समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।
(बी) इसी प्रकार दिल्ली में छोटे छोटे देशों के बहुत सारे दूतावास किराये पर है, उन्हें भी जगह दी जा सकती है व इसी प्रकार अन्य उपयोग में भी लाया जा सकता है।
4. दिल्ली के अंदर रेलवे स्टेशनों पर बढती हुई भीड़ को देखते हुए गाज़ियाबाद पुराने रेलवे स्टेशन को अंतर्राष्ट्रीय बनाने का काम पहले ही चल रहा है।
अतः यहां से उत्तर प्रदेश को चलने वाली गाड़ियाँ दिल्ली से चलने की बजाय गाजियाबाद से शुरू हो। रेलवे स्टेशन के समीप विजय नगर पंजाब लाईन की तरफ बहुत बड़ी मात्रा में रक्षा मंत्रालय की जमीन अनउपयोगी पड़ी है। ना ही उस पर कोई योजना है। उस जमीन को अपने अधिग्रहण करके यहाँ पर विशाल पार्किंग व अन्य सुविधाएँ विकसित करके दिल्ली के बोझ को कम किया जा सकता है।
5. गाज़ियाबाद न्यू बस स्टेण्ड से दौलतपुरा लोहा मंडी तक एक एलीवेटिड रोड बन जाने से जी.टी. रोड पर यातायात का दबाव कम करने में अत्यधिक सुविधा मिलेगी जैसा की सभी बड़े शहरों में चल रहा है। एलीवेटिड रोड को बनाते समय मेट्रो के विस्तारितकरण का भी ध्यान अवश्य रखा जाएँ।
6. मेट्रों की विस्थित योजना बनाते हुए प्रथम चरण में नोएडा इन्द्रपुरम को जोड़ने का कार्य मेट्रो का विस्तारितकरण करते हुए मेट्रो को दिल्ली से लोनी तक जोड़ने का कार्य व सैक्टर 62 नोएडा से हापुड़ तक का जोड़ने का कार्य योजना में शामिल किया जा सकता है।
7. शहर गाजियाबाद तथा मोहन नगर जोन साहिबाबाद में गंगाजल की सप्लाई व गाजियाबाद में बिजली के तार भूमिगत होने का कार्य। (श्री संजीव शर्मा, विधायक सदर, गाज़ियाबाद)
8. विधान सभा क्षेत्र मोदीनगर में सिखेड़ा रोड से शुरू होकर कपडा मिल तक नाले का पक्कीकरण व कवर कराने का कार्य। (डॉ. मंजू शिवाच, विधायक – मोदीनगर, गाज़ियाबाद)
9. शहर में डेयरी की समस्या को देखते हुए डेयरी संचालकों को हिंडन नदी के किनारे अथवा अन्य जगहों पर अन्य भू-खण्डों में एक यशोदा नामक योजना बनानी अति आवश्यक है।
आस पास के क्षेत्र में हुडको से या एन.सी.आर बोर्ड से पैसे का इंतजाम करके पहले ही डवलप किया जा सकता है। जिससे सुनियोजित विकास सुनिश्चित कर सकें।