Saturday, April 5, 2025
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आंगनबाड़ी , मिनी आंगनबाड़ी, सहायिका संगठन के तत्वाधान में सावित्री चौधरी के नेतृत्व में जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव किया गया*।

*आंगनबाड़ी , मिनी आंगनबाड़ी, सहायिका संगठन के तत्वाधान में सावित्री चौधरी के नेतृत्व में जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव किया गया*।

डीके निगम 
बुलंदशहर शुक्रवार को आंगनबाड़ी , मिनी आंगनबाड़ी, सहायिका संगठन के तत्वाधान में सावित्री चौधरी के नेतृत्व में जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव किया गया। आंगनबाड़ियों की लंबित मांगों को लेकर
बुलंदशहर मल्का पार्क से मार्च निकालते हुए कलेक्ट्रेट गेट पर धरना प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री को संबोधित जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा ।
प्रदेश अध्यक्ष व ऑल इंडिया आंगनवाड़ी एम्पलाइज फेडरेशन की राष्ट्रीय महासचिव सावित्री चौधरी ने कहा कि सांसदों के वेतन, भत्तों, पेंशन में भारी बढ़ोत्तरी की गई है। देश की 14 लाख आंगनवाड़ी महिला को न्यूनतम वेतन और  पेंशन देने को भी सरकार तैयार नहीं। किसी भी ” माननीय ” ने नहीं कहा कि वो तब तक बढ़ा हुआ वेतन नहीं लेंगे जब तक देश की आंगनबाड़ी महिलाओं को न्यूनतम वेतन नहीं मिल जाता। क्या यही महिला सशक्तिकरण है इस देश का

जिला अध्यक्ष अंजू शर्मा ने कहा है कि
विकसित भारत, सबका साथ- सबका विकास, आज़ादी का अमृत काल के नारों का क्या देश के मेहनतकश वर्ग आंगनवाड़ी कर्मचारी के साथ ठगी करने के लिए आविष्कार किया गया है।
जिला महासचिव अलका त्यागी ने कहा कि
लोक तंत्र, संविधान, कल्याण कारी राज्य इन सबके असली मज़े भी माननीय ही ले रहे हैं। ये डरते हैं कि लोग विद्रोह् ना कर दें इस लिए ” सड़कें ” सूनी करने के लिए विरोध के स्वरों को दबाने के लिए काले कानून भी ये ही सांसद इसी संसद में बना रहे हैं।
ब्लॉक अध्यक्ष स्याना सरिता त्यागी ने कहा कि
हमारी मूल मांगो (परमानेंट, प्रमोशन , ग्रेजुएटी, पेंशन) से ध्यान भटकाने के लिए कभी पोषण ट्रैक्टर, कभी FRS सिस्टम, कभी केवाईसी, सरकार ले आती है, लेकिन हम अपने अधिकार लेकर ही दम लेंगे।
जिला उपाध्यक्ष नीलम शर्मा ने कहा
आंगनबाड़ी कर्मचारी को
ऑनलाइन काम में सुविधाएं ना मिलने के कारण समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है जिसमें
डिजिटल हजारी, फेस आईडी, नेटवर्क डाटा, प्रशिक्षण ,बदले हुए वर्जन, खराब मोबाइल, आदि के कारण आंगनबाड़ी कर्मचारी ऑनलाइन काम नहीं कर पा रही है और विभागीय अधिकारियों का बराबर ऑनलाइन काम करने का दबाव रहता है , इस दबाव के कारण आए दिन आंगनबाड़ी कर्मचारी ब्रेन हेमरेज तथा अटैक का शिकार हो रही हैं।
अल्प मानदेय पा रही आंगनबाड़ी कर्मचारी के परिवार को मृत्यु के बाद भी कोई राहत नहीं मिलती।

मंडल अध्यक्ष कुसुम गौतम ने कहा कि
वर्तमान डबल इंजन की सरकार ने यूपी में 2016 में सत्ता में आने से पहले शपथ पत्र बांटे थे कि अगर हमारी सरकार आती है तो 120 दिन में आंगनबाड़ियों को सम्मानजनक मानदेय देंगे और सेवा शर्तों में सुधार करेंगे लेकिन आज तक नहीं हुआ।

ब्लॉक अध्यक्ष पहासू प्रेमलता ने कहा की जिस समय आंगनबाड़ी की योजना शुरू हुई थी उस समय आंगनबाड़ी को 75 रुपए और एक माननीय सांसद को ₹200 मिलते थे लेकिन आज एक आंगनवाड़ी 6000 मानदेय पा रही है और एक माननीय सांसद को सारे भत्ते लगाकर करीब 6 लाख रुपए मिलेंगे। क्या महंगाई आंगनबाड़ियों के लिए नहीं बढ़ी
जब तक सरकार आंगनबाड़ियों को परमानेंट नहीं करती है ऑनलाइन काम के लिए सुविधा मुहैया नहीं कराती है, तब तक आंगनवाडी कर्मचारी कोई भी ऑनलाइन काम नहीं करेगी ।
आंदोलन करने को मजबूर होगी जिसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।इस मौके पर अलका  सरिता भावना, अंजू ममता मनीषा ज्योति नीलम कमलेश आदि बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी उपस्थित रही।

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