गाजियाबाद। कोर्ट में इंदिरापुरम पुलिस को जबर्दस्त हार का सामना करना पड़ा दरअसल वर्ष 2017 में हत्या के एक मुकदमे में पुलिस ने अनिल भाटी पुत्र सहदेव भाटी को आरोपी बनाया था लेकिन अदालत ने अपने फैसले में अनिल भाटी को दोष मुक्त करार देते हुए मुक्त कर दिया।
इस संबंध में बचाव पक्ष के अधिवक्ता उमर दीन ने बताया कि
पीड़ित पक्ष की ओर से मनोज कुमार द्वारा दिनांक 12 जुलाई 2017 को मुकदमा दर्ज कराया गया था कि मैं और मेरा भाई चमन अपनी गाड़ी से वह मेरे साथी मिंटू पुत्र श्रीपाल नागेंद्र पुत्र राम खिलाड़ी निवासी हसनपुर महिंद्र स्कॉर्पियो गाड़ी से गाजियाबाद कोर्ट में तारीख अटेंड करने के बाद वापस जा रहे थे इंदिरापुरम क्षेत्र की कनवानी पुलिया के पास महिंद्र स्कॉर्पियो गाड़ी पर अंधाधुंध फायरिंग की गई जिसमें मेरे भाई मिंटू की हत्या कर दी गई और नागेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गया इस मामले में कई अन्य आरोपियों के साथ अनिल भाटी पुत्र सहदेव भाटी निवासी ग्राम गंगोला थाना कासना जिला गौतम बुद्ध नगर को भी 120 बी की धारा के अंतर्गत आरोपी बनाया गया था।
इस मामले में सरकारी वकील एडीजीसी संजीव कुमार ने कोर्ट में बचाव पक्ष के अधिवक्ता उमरदीन के साथ बहस की जिसके बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाया। जिसमें न्यायाधीश ने कहा कि अभियोजन अभियुक्तगण नरेश तेवतिया व अनिल भाटी के विरुद्ध सृजित आरोप साबित करने में असफल रहा अतः अभियुक्त नरेश तेवतिया एवं अभियुक्त अनिल भाटी के विरुद्ध सृजितआरोप अंतर्गत धारा 147, 148, 307, 149, 302, 427 एवं 120 भी भारतीय दंड संहिता दोष मुक्त किए जाने योग हैं।