गाजियाबाद– विकास प्राधिकरण गाजियाबाद उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने जब से अपना चार्ज संभाला है तभी से उनकी एक्टिविटी लोगों को देखने को मिल रही है ! कई जोनों में उनके द्वारा अवैध निर्माण पर की गई कार्रवाई ने उनके ईमानदारी एवं निष्पक्ष कार्य करने की क्षमता को दर्शाने का काम किया है ! लेकिन जहां लोग उनकी ईमानदारी और निष्पक्षता को लेकर बात कर रहे हैं वही प्रवर्तन जोन -7 में उन्हीं पर कुछ अवैध निर्माण वाले मामलों को लेकर सवालिया निशान भी लगाए जा रहे हैं ! ऐसे में जब मामला गर्म हो और कोई अवैध निर्माण करने वाला बिल्डर यह कह दे की विकास प्राधिकरण गाजियाबाद उपाध्यक्ष हमारे बेहद करीबी हैं जिसके बाद उसी बिल्डर के उस बिल्डिंग पर जिस पर कार्रवाई हुई हो और वही बिल्डिंग पूरी तरह से कंप्लीट हो गई हो तो लोगों के सवाल उनकी कार्यशैली को लेकर और भी बढ़ जाते हैं और बिल्डर द्वारा कहीं जाने वाली सभी बातें लोगों को सच लगने लगती है ! आपको बता दें कि प्रवर्तन जोन -7 में ऐसी कई अवैध बिल्डिंग है जिन पर जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स के आने से पहले सीलिंग की कार्रवाई की जा चुकी थी लेकिन उनके आने के बाद से उन अवैध इमारत को पूर्ण रूप से रिहायसी और कमर्शियल बिल्डिंग का रूप दे दिया गया ! और ऐसे ही उन बिल्डिंगों को बनाने वाले एक बिल्डर ने खुद को जीडीए उपाध्यक्ष का बेहद करीबी बताते हुए जीडीए के अन्य कर्मचारियों पर अपनी पावर दिखाने का काम किया जिसके बाद जीडीए के उन कर्मचारियों पर तो कार्रवाई की गई लेकिन अवैध निर्माण करने वाले उस बिल्डर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई बल्कि उनकी अवैध बिल्डिंग पूर्ण रूप से तैयार हो गई ! बहुत जल्द तब और अब के रूप में पाठकों को ऐसी कई अवैध निर्माण के बारे में जानकारी दी जाएगी जिन पर पहले तो सीलिंग कार्रवाई की गई थी लेकिन अब वह बिल्डिंग पूरी तरह से बनकर कंप्लीट हो चुकी है !बिल्कुल इसी तरह प्रवर्तन जोन -1 मे भी कुछ चिन्हित अवैध प्लाटिंग करने वालों एवं अवैध निर्माण करने वालों पर विकास प्राधिकरण का बुलडोजर दिखावे के लिए चला तो जरूर लेकिन अगले दिन ही वहां पर दोबारा स्थिति वैसे की वैसे ही हो गई ! माना जा रहा है कि प्राधिकरण के प्रवर्तन जोन -1 , दो और तीन में वहां के जेइ और एइ धड़ल्ले के साथ वहां के प्लाटिंग करने वालों के साथ मिलकर एक बड़ा खेल कर रहे हैं जिसकी भनक तक विकास प्राधिकरण गाजियाबाद उपाध्यक्ष अतुल वत्स को नहीं लग पा रही है !